साहित्यिक नगरी उन्नाव में कब होगा विकास यह गरीब जनता पूछती है उन नेताओं से जिनको अपना अमूल्य मत देकर कुर्सी पर बिठाती है


साहित्यिक नगरी कहा जाने वाला उन्नाव शहर के वार्ड नंबर 25 लोधन हार दरोगा बाग चांदमारी का यह आलम है इस बस्ती से 1 किलोमीटर पर रेलवे स्टेशन है और 1 किलोमीटर की दूरी पर तहसील है यह बीच में जो बस्ती आप देख रहे हैं यह बस्ती लोधन हार है लोध बस्ति के होने की वजह से यहां पर कोई भी विकास कार्य नहीं किया गया है क्योंकि यह बस्ती गरीबों और अनपढ़ों की बस्ती है इसलिए सिर्फ नेता लोग यहां चुनाव के दौरान जनता से सिर्फ वोट मांगने का कार्य करते हैं और बड़े बड़े झूठे वादे करते हैं और उनके साथ ठगी करते हैं इसके बाद कोई भी प्रतिनिधि चाहे वह विधायक हो या सांसद या फिर चेयरमैन मुड़कर इस बस्ती की तरफ कोई भी नहीं देखता क्योंकि यह गरीब अनपढ़ों की बस्ती है लेकिन सरकार और जनप्रतिनिधियों को यह नहीं पता है की यह एक गरीब का वोट आपको कुर्सी पर बिठा सकता है और यही एक वोट आप को कुर्सी से नीचे उतार सकता है इसलिए सरकार और क्षेत्रीय विधायक सांसद इस बात को ख्याल रखें कि गरीबों के साथ कभी भी पक्षपात नहीं करना चाहिए और ऐसी जगहों पर विकास कार्य जरूर करना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति गरीबों के साथ है उनका हमेशा अच्छा होता है जो गरीबों के साथ उनके दुख दर्द में खड़ा होता है उनका हमेशा खुदा अल्लाह भगवान साथ देता है।

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