उन्नाव। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के दौरान मर्चेंट नेवी में कार्यरत उन्नाव के एक युवक के फंसे होने का मामला सामने आया है। युवक ने वहां बिताए खौफनाक पलों को साझा करते हुए बताया कि कैसे अचानक हालात बदल गए और पूरा वातावरण दहशत में बदल गया।
उन्नाव के निवासी शिवेंद्र चौरसिया मर्चेंट नेवी में कार्यरत हैं। जानकारी के अनुसार, हाल ही में उनका जहाज ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट पर खड़ा था, इसी दौरान क्षेत्र में ईरान-इजरायल के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया।
शिवेंद्र ने बताया कि 3 अप्रैल को अचानक जहाज के आसपास तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने लगीं, जिससे जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लगातार हो रहे घटनाक्रम के चलते स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण हो गई और सभी लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे।
उन्होंने बताया कि उस समय किसी भी बड़े खतरे की आशंका बनी हुई थी, जिससे पूरा दल मानसिक रूप से प्रभावित हुआ। बाद में स्थिति सामान्य होने और सुरक्षित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को वहां से बाहर निकाला गया।
शिवेंद्र चौरसिया ने भारत सरकार और संबंधित एजेंसियों का आभार जताया, जिनके प्रयासों से उनकी सुरक्षित वापसी संभव हो सकी। फिलहाल वे सकुशल भारत लौट आए हैं, हालांकि उस दौरान का अनुभव उनके लिए बेहद भयावह रहा, जिसे वे आज भी भूल नहीं पा रहे हैं।

