गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के उत्थान से लेकर नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने तक बनी रणनीति — पदाधिकारियों ने संगठन को और मजबूत बनाने पर दिया जोर
उन्नाव, 26 अगस्त 2026। समाजसेवा, सनातन संस्कृति के संरक्षण तथा पर्यावरण की रक्षा के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति की मासिक गोष्ठी बुधवार को आयोजित की गई। गोष्ठी में संगठन की आगामी गतिविधियों, समाज के जरूरतमंद एवं गरीब परिवारों की सहायता, पर्यावरण संरक्षण तथा संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी सामाजिक संगठन की वास्तविक पहचान उसके पदों से नहीं, बल्कि समाज के बीच किए जाने वाले सेवा कार्यों से होती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंच बनाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचेगी सेवा
मासिक गोष्ठी में सनातन धर्म से जुड़े गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद परिवारों के उत्थान को लेकर विशेष चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग उपलब्ध कराना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। ऐसे परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने, उन्हें सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने तथा विभिन्न स्तरों पर सहयोग के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने पर विचार किया गया।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सेवा कार्य केवल किसी एक अवसर तक सीमित न रहकर निरंतर चलने वाली प्रक्रिया होनी चाहिए। संगठन के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उनकी वास्तविक आवश्यकताओं की जानकारी संगठन तक पहुंचाएं, ताकि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सहायता की व्यवस्था की जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को बनाया जाएगा अभियान
गोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति की रक्षा को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। समिति की ओर से पेड़-पौधों के संरक्षण, अधिक से अधिक पौधरोपण, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता तथा प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर सामाजिक स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्रों में लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें और पौधरोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल को भी प्राथमिकता दें।
बैठक में यह विचार प्रमुखता से सामने आया कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। संगठन आने वाले समय में पर्यावरण से जुड़े कार्यक्रमों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करेगा।
संगठन को मजबूत बनाने पर मंथन
मासिक गोष्ठी में संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसी क्रम में भविष्य में नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने तथा उन्हें संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और समाजसेवा के दायित्वों से परिचित कराने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर चर्चा की गई।
बैठक में कहा गया कि संगठन का विस्तार केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाना चाहिए जो समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हों। नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देकर उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर सेवा कार्यों से जोड़ने की योजना पर भी विचार किया गया।
युवाओं की भागीदारी पर जोर
गोष्ठी में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि युवा वर्ग किसी भी सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार बन सकता है। यदि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाए तो समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक जागरूकता के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। युवा कार्यकर्ताओं को विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ने, उन्हें संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर देने तथा समाजहित के कार्यों के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प
गोष्ठी में सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं के संरक्षण को लेकर भी विचार व्यक्त किए गए। पदाधिकारियों ने कहा कि अपनी संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना समय की आवश्यकता है। संगठन द्वारा समाज में आपसी सहयोग, सेवा, संस्कार, सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सनातन परंपरा का मूल आधार सेवा, मानव कल्याण और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना में निहित है और इन्हीं मूल्यों को सामाजिक कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
पदाधिकारियों ने व्यक्त की प्रतिबद्धता
मासिक गोष्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश शुक्ला, राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह, युवा प्रदेश अध्यक्ष रत्नेश त्रिपाठी, किसान उत्थान सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अजय पाण्डेय, सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति के मीडिया प्रमुख कमल सिंह, विधानसभा महिला अध्यक्ष रेखा, सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति अधिवक्ता संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद शुक्ला तथा रघुबीर सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज के जरूरतमंद वर्ग की सहायता के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। सभी ने कहा कि संगठन को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।
आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा
गोष्ठी के दौरान संगठन की आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरूकता और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क बढ़ाएं और समाज की वास्तविक समस्याओं को संगठन के सामने रखें। इससे स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार सेवा एवं जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा सकेगी।
सेवा कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य
गोष्ठी में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि संगठन का उद्देश्य केवल बैठकें आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के बीच जाकर वास्तविक सेवा कार्य करना है। पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन की विचारधारा एवं उद्देश्यों को सकारात्मक सामाजिक कार्यों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं। गरीब परिवारों की सहायता, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं को जोड़ना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और समाज में जागरूकता पैदा करना जैसे विषयों को संगठन की गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया। मासिक गोष्ठी का समापन संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा तथा समाजहित में निरंतर सक्रिय रहने के संकल्प के साथ हुआ। पदाधिकारियों ने कहा कि सर्व सनातन उत्थान सेवा समिति समाजसेवा, संस्कृति संरक्षण और पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका को और व्यापक बनाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संगठन को मजबूत बनाने, अधिक से अधिक लोगों को सेवा कार्यों से जोड़ने और जरूरतमंद परिवारों के हित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।


