लखनऊ, 14 अप्रैल 2026 (ग्रामीण दृष्टि):
राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम व पोस्ट मवई पड़ियाना में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर का 135वां जन्मदिवस बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाबा साहब के विचारों को याद किया।
कार्यक्रम का आयोजन बुद्धिस्ट सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर, लार्ड बुद्धा संस्थान तथा बुद्धिस्ट कल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के सदस्य भिक्षु शील रतन जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मवई पड़ियाना के ग्राम प्रधान पति श्री प्रकाश गौतम, श्रामरेण निर्मल, श्रामरेण लक्की, अंगद, सुधांशु, आयुष, मास्टर सर्वेश मौर्य, रामविलास यादव, मास्टर टेकचंद्र, अनिल शाक्य, आर्मी मैन दिवेश मौर्य सहित तीनों संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
भिक्षु शील रतन जी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान के माध्यम से छुआछूत जैसी कुरीतियों को समाप्त करने और सभी नागरिकों को समान अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने हिंदू कोड बिल के जरिए महिलाओं को संपत्ति और तलाक का अधिकार दिलाने के लिए भी संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब का दिया गया संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। बाबा साहब को भारतीय संविधान के जनक के रूप में याद करते हुए उन्होंने सभी से उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का समापन मिष्ठान वितरण के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और सामाजिक एकता का संदेश दिया।


