रायबरेली (डलमऊ)। आज दिनांक 1 मई 2026 को ग्राम पूरे बाबा, मजरे गोविंदपुर माधव, डलमऊ स्थित यशोधरा बुद्ध विहार में “त्रिपावनी बुद्ध पूर्णिमा उत्सव” बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन “यशोधरा बुद्ध विहार एवं शिक्षण संस्थान” ट्रस्ट द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध वंदना, त्रिसरण एवं पंचशील के साथ किया गया, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का संचार हुआ। इस अवसर पर लखनऊ से पधारे बौद्ध उपासक मास्टर सर्वेश मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह दिन गौतम बुद्ध के जीवन की तीन प्रमुख घटनाओं—जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बुद्धत्व) और महापरिनिर्वाण—का प्रतीक है।
उन्होंने भगवान बुद्ध के प्रमुख संदेश “अत्त दीपो भव” (अपना प्रकाश स्वयं बनो) को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बुद्ध का दर्शन करुणा, अहिंसा, आत्म-जागरूकता और मध्यम मार्ग पर आधारित है, जो मनुष्य को मानसिक शांति और दुखों से मुक्ति की ओर ले जाता है। ‘बुद्ध’ शब्द का अर्थ भी जागृत या प्रबुद्ध व्यक्ति होता है, जो पूर्ण ज्ञान प्राप्त कर चुका हो।
इस आयोजन में ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक ट्रस्टी राम विशाल मौर्य सहित वर्षा, चन्द्रावती, अरहन्त मौर्य, आध्या, प्रियंका, शैलेन्द्र, शीतला प्रसाद, मेघवाल मौर्य, बाबूलाल, मास्टर रमेश यादव, छोटे लाल, तन्नू, कामिनी, दामिनी, तान्या, जूली सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं के बीच खीर का प्रसाद वितरण कर किया गया।




