महिला बंदियों का हाल जानने जिला कारागार पहुंचीं डॉ. प्रियंका मौर्या, बैरक में जाकर सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
आजमगढ़। जिला मंडल कारागार की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने मंगलवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर महिला बंदियों की समस्याओं का मौके पर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वह सीधे महिला बैरक में पहुंचीं और बंदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याएं, आवश्यकताएं तथा जेल में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
डॉ. प्रियंका मौर्या ने महिला बंदियों से स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या हो तो उसे बेझिझक प्रशासन के समक्ष रखें, ताकि उसका समयबद्ध समाधान कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं प्रत्येक महिला बंदी तक बिना किसी भेदभाव के समय पर पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। ऐसे में महिला बंदियों के साथ संवेदनशील, सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिला बंदियों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए तथा स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही कारागार परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
डॉ. प्रियंका मौर्या के निरीक्षण से महिला बंदियों ने अपनी समस्याएं सीधे उनके समक्ष रखीं, जिनके समाधान का उन्होंने भरोसा दिलाया। इस दौरान जेल प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कारागार में संचालित व्यवस्थाओं और सुधारात्मक गतिविधियों की जानकारी भी दी।
रिपोर्ट: रघुबीर मौर्य
ब्यूरो प्रमुख, आजमगढ़
ग्रामीण दृष्टि राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र


