बेटियों की नजर पड़ते ही घर से निकला और फरार, 112 पर पहुंची सूचना; पुरानी चोरी की घटना से जोड़कर निष्पक्ष जांच की मांग
उन्नाव | सोहरामऊ। सोहरामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़ियामऊ में सोमवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ग्रामीण के घर के अंदर एक युवक के कथित रूप से संदिग्ध परिस्थितियों में छिपे होने की जानकारी सामने आई। घर में मौजूद परिवार की बेटियों की नजर जब युवक पर पड़ी तो उन्होंने इसकी जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों को देने का प्रयास किया। इसी दौरान युवक कथित रूप से घर से बाहर निकलकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में भय और दहशत का माहौल बन गया। आनन-फानन में पुलिस की 112 आपातकालीन सेवा को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी ली। पुलिस ने परिवार से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के बाद थाना सोहरामऊ में लिखित शिकायत देने की सलाह दी। परिवार का कहना है कि देर रात किसी बाहरी व्यक्ति अथवा संदिग्ध व्यक्ति का घर के अंदर मौजूद मिलना सामान्य घटना नहीं है। ऐसे में पुलिस को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
रात करीब 9:30 बजे घर में मौजूद था युवक
जानकारी के अनुसार, ग्राम मढ़ियामऊ निवासी छोटेलाल मौर्य पुत्र स्वर्गीय गुरू प्रसाद मौर्य के घर में सोमवार रात करीब 9:30 बजे गांव का ही युवक डेनी पुत्र केशनलाल कथित रूप से छिपा हुआ दिखाई दिया।
बताया गया कि उस समय घर में परिवार के सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान छोटेलाल मौर्य की पुत्रियों की नजर कथित रूप से युवक पर पड़ी। अचानक घर के अंदर युवक को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए। परिवार द्वारा उससे पूछताछ अथवा जानकारी लेने का प्रयास किया जाता, इससे पहले ही युवक घर से बाहर निकलकर वहां से फरार हो गया।
घटना के बाद परिवार ने तत्काल आसपास के लोगों को जानकारी दी और पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर फोन कर घटना की सूचना दी। परिवार के मुताबिक, रात के समय घर के अंदर किसी व्यक्ति का इस तरह छिपा हुआ मिलना उनके लिए गंभीर चिंता का विषय है।
करीब 10 बजे पहुंची पुलिस
परिवार द्वारा 112 पर सूचना दिए जाने के बाद पुलिस टीम करीब 10 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी ली।
परिवार की ओर से पुलिस को बताया गया कि युवक को घर के अंदर देखा गया था और उसके बाद वह मौके से निकल गया। पुलिस द्वारा परिवार को मामले के संबंध में थाना सोहरामऊ में लिखित शिकायत देने की सलाह दी गई।
अब पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक आखिर किस उद्देश्य से घर के अंदर मौजूद था। क्या वह किसी काम से वहां पहुंचा था, गलती से घर के अंदर चला गया था अथवा उसके वहां मौजूद रहने के पीछे कोई अन्य वजह थी—इन तमाम सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुरानी चोरी की घटना ने बढ़ाई चिंता
घटना के बाद परिवार की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि ग्रामीणों के अनुसार गांव में इससे पहले रामगोपाल मौर्य के घर चोरी की घटना हो चुकी है। इसी पुरानी घटना को लेकर ग्रामीणों और परिवार के बीच सुरक्षा संबंधी चिंता बनी हुई है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पूर्व में हुई चोरी की घटना में डेनी की संलिप्तता को लेकर फिलहाल कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं आया है। केवल पुरानी चोरी और वर्तमान घटना के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं, इसका निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।
परिवार की मांग भी इसी बिंदु पर केंद्रित है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कोई तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
परिवार में सुरक्षा को लेकर बढ़ी दहशत
रात में घर के अंदर किसी संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की घटना ने परिवार को अंदर तक झकझोर दिया है। खासकर परिवार की बेटियों द्वारा युवक को कथित रूप से घर के अंदर देखे जाने के बाद परिजनों में भय का माहौल है। परिवार का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास घर में प्रवेश करने का वैध कारण था तो वह सामान्य तरीके से घर के लोगों को जानकारी दे सकता था। लेकिन देर रात घर के अंदर मौजूद होने और नजर पड़ने के बाद वहां से निकल जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार चाहता है कि पुलिस यह पता लगाए कि युवक घर के अंदर कैसे पहुंचा, कितनी देर से वहां मौजूद था और वहां मौजूद रहने का उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
पुलिस जांच से सामने आएगा सच
इस पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों, परिवार के सदस्यों के बयान, आसपास के लोगों से पूछताछ और यदि उपलब्ध हों तो अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना की वास्तविकता तक पहुंच सकती है।जांच के दौरान यह भी देखा जाना आवश्यक होगा कि घर में जबरन प्रवेश के कोई निशान थे या नहीं, युवक के घर में पहुंचने का कोई वैकल्पिक रास्ता था या नहीं और क्या घटना के समय आसपास किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी थी।
यदि पुलिस को किसी प्रकार का आपराधिक साक्ष्य मिलता है तो उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि जांच में कोई अन्य कारण सामने आता है तो उसी के अनुसार मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
ग्रामीणों ने की पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग
घटना के बाद गांव के लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नजर रखी जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में रात के समय घरों और रास्तों पर पर्याप्त निगरानी नहीं होने से कई बार लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता रहती है। ऐसे में पुलिस की नियमित गश्त से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सकती है। परिवार ने भी पुलिस प्रशासन से मांग की है कि गांव में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए।
परिवार की प्रमुख मांगें
परिवार की ओर से पुलिस के सामने मुख्य रूप से निम्न मांगें रखी गई हैं—
- देर रात युवक के घर के अंदर मौजूद होने के कारणों की जांच की जाए।
- घटना के संबंध में परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जाएं।
- पूर्व में हुई चोरी की घटना और वर्तमान मामले के बीच किसी संभावित संबंध की निष्पक्ष जांच की जाए।
- गांव में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए।
- भविष्य में परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर निष्पक्ष वैधानिक कार्रवाई की जाए।
बिना जांच किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को चोरी या किसी अन्य अपराध का दोषी नहीं माना जा सकता। युवक के घर के अंदर मौजूद पाए जाने की घटना निश्चित रूप से जांच का विषय है, लेकिन उसकी मंशा और उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकते हैं।
किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए। इससे न केवल निर्दोष व्यक्ति के अधिकार सुरक्षित रहते हैं, बल्कि वास्तविक दोषी तक पहुंचने में भी पुलिस को मदद मिलती है।
कई सवालों के जवाब बाकी
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर युवक देर रात घर के अंदर क्यों मौजूद था? वह घर में किस रास्ते से पहुंचा? वह कितनी देर से वहां था? क्या परिवार के किसी सदस्य से उसका पहले कोई संपर्क हुआ था? नजर पड़ने के बाद वह तत्काल वहां से क्यों निकल गया? क्या पुरानी चोरी की घटना से इसका कोई संबंध है या दोनों घटनाएं पूरी तरह अलग हैं?
इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल परिवार की शिकायत और पुलिस जांच ही इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी। यदि जांच में कोई आपराधिक तथ्य सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की उम्मीद है।
अब निगाह पुलिस जांच पर
मढ़ियामऊ की इस घटना के बाद अब ग्रामीणों और परिवार की निगाह पुलिस जांच पर टिकी है। परिवार चाहता है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जाए। वहीं ग्रामीण भी चाहते हैं कि गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो और रात के समय पुलिस की गश्त नियमित रूप से हो। फिलहाल यह मामला कई सवालों के बीच पुलिस जांच के दायरे में है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि युवक के घर के अंदर मौजूद होने की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इसका किसी पूर्व घटना से कोई संबंध था।
ग्रामीण दृष्टि इस मामले में किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं करता। हमारा उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों, परिवार की आशंका और पुलिस जांच की आवश्यकता को सामने रखना है। अंतिम सत्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्रामीण दृष्टि की अपील
यदि आपके गांव, मोहल्ले या क्षेत्र में कोई संदिग्ध गतिविधि, अपराध अथवा जनसमस्या दिखाई देती है तो स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय तत्काल स्थानीय पुलिस अथवा संबंधित प्रशासन को सूचना दें। किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराने से बचें और तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष जांच को प्राथमिकता दें।
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