सेंट ज्यूइस विधि कॉलेज में गूंजा युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास का संदेश, विजेताओं को ₹1500 और ₹1000 की पुरस्कार राशि से किया गया सम्मानित
उन्नाव, 12 अगस्त 2026। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को सेंट ज्यूइस विधि कॉलेज में युवा प्रतिभाओं को मंच देने और विधि विद्यार्थियों में ज्ञान, तार्किक क्षमता एवं आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विधि छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया और कानून, संविधान, अधिकारों तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े सवालों पर अपनी समझ और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय दिया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की आधिकारिक थीम “विभिन्न संदर्भ, समान आकांक्षाएं” है। इसी संदेश को केंद्र में रखकर आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की शिक्षा, क्षमता, अधिकारों और सामाजिक भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि परिस्थितियां भले ही अलग-अलग हों, लेकिन देश और समाज के प्रत्येक युवा की बेहतर भविष्य, सम्मान, अवसर और विकास की आकांक्षा समान है।
क्विज के सवालों ने परखी कानून के विद्यार्थियों की समझ
सेंट ज्यूइस विधि कॉलेज में आयोजित क्विज प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। प्रतियोगिता में विधि प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रश्नों के उत्तर देने के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी विषयगत जानकारी के साथ-साथ तर्कशक्ति, स्मरण क्षमता और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया।
क्विज प्रतियोगिता को विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और मनोरंजन के साथ-साथ सीखने का प्रभावी माध्यम बनाया गया। प्रतियोगिता में कानून और संविधान से जुड़े विषयों के साथ नागरिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार और उपभोक्ता संरक्षण जैसे मुद्दों पर भी विद्यार्थियों की समझ को परखा गया।
प्रतियोगिता के दौरान एक ओर जहां सही उत्तर देने की होड़ दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सीखने की भावना भी नजर आई। शिक्षकों ने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से बाहर निकलकर अपने ज्ञान को व्यावहारिक रूप से परखने का अवसर देती हैं।
फहद अजीम बोले—युवा शक्ति को सही दिशा देना जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कॉलेज प्रबंधक श्री फहद अजीम ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित मार्गदर्शन और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिलें तो वे समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थी भविष्य में न्याय व्यवस्था, प्रशासन और सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। इसलिए उनके भीतर कानून की जानकारी के साथ संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव भी विकसित होना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए बधाई दी और कहा कि जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण सीखने की प्रक्रिया है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में आत्मविश्वास पैदा करती हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।
डॉ. एच.एस. यादव ने बताया शिक्षा का व्यापक महत्व
विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एस. यादव ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति को उसकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने में सक्षम बनाती है। यह केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक प्रगति और सतत विकास की मजबूत आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच, समस्या समाधान, तर्क और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। विधि के विद्यार्थियों के लिए ये सभी गुण विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कानून का क्षेत्र तथ्यों, तर्क और न्यायपूर्ण निर्णय पर आधारित है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित न रखें। कानून के विद्यार्थी समाज के अधिकारों और कर्तव्यों को समझने वाले जागरूक नागरिक बनने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
“कानून की पढ़ाई युवाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक बनाती है”
विधि विभाग के श्री अनुपम सिंह ने कहा कि कानून की पढ़ाई का सबसे बड़ा लाभ सशक्तिकरण है। कानून की जानकारी व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाती है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण, रोजगार, शिक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे क्षेत्रों में कानून की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब किसी व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होती है तो वह न केवल अपने हितों की रक्षा कर सकता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता भी कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा विद्यार्थियों में शोध, तर्क-वितर्क, संवाद, विश्लेषण और समस्या समाधान जैसी क्षमताओं का विकास करती है। यही क्षमताएं आगे चलकर उन्हें एक सफल विधिक करियर की दिशा में आगे बढ़ाती हैं।
प्रतियोगिता के बाद विजेताओं के चेहरे पर दिखी खुशी
क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया। प्रथम विजेता को ₹1,500 तथा द्वितीय विजेता को ₹1,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
पुरस्कार वितरण के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विजेताओं को बधाई देते हुए शिक्षकों ने कहा कि उनकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया।
“विभिन्न संदर्भ, समान आकांक्षाएं” बना कार्यक्रम का संदेश
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम “विभिन्न संदर्भ, समान आकांक्षाएं” ने कार्यक्रम को विशेष अर्थ प्रदान किया। वक्ताओं ने कहा कि देश और दुनिया में युवाओं की परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन उनके सपने और आकांक्षाएं काफी हद तक समान हैं।
हर युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर रोजगार, सम्मानजनक जीवन और समान अवसर चाहता है। ऐसे में समाज और संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि युवाओं को आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
कार्यक्रम में कहा गया कि कानून के विद्यार्थी इस बदलाव के महत्वपूर्ण वाहक बन सकते हैं। वे समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने के साथ-साथ संविधान में निहित न्याय, समानता और स्वतंत्रता के मूल्यों को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं।
शिक्षकों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का हौसला
कार्यक्रम में श्रीमती आरिशा अजीम, सुल्तान अहमद, विधि विभाग के विभागाध्यक्ष श्री अनुपम सिंह, शिक्षक श्री शुभम सिंह, उत्कर्ष द्विवेदी, योगेश यादव सहित समस्त शिक्षकगण मौजूद रहे।
शिक्षकों ने प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया और उनके प्रदर्शन की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ क्विज, वाद-विवाद, संगोष्ठी और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में भागीदारी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में मंच पर अपनी बात रखने का आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही उनमें समय प्रबंधन, त्वरित निर्णय और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण गुण भी विकसित होते हैं।
युवा प्रतिभा को अवसर मिला तो बदलेगी तस्वीर
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सेंट ज्यूइस विधि कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और उसे सही दिशा देने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि युवाओं में ज्ञान अर्जित करने और अपनी प्रतिभा को साबित करने की जबरदस्त क्षमता है। जरूरत केवल उन्हें सही मंच और उचित मार्गदर्शन देने की है।
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज प्रबंधन एवं शिक्षकगण ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने भी इस तरह के आयोजनों को अपने ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला बताते हुए उत्साह व्यक्त किया।
सेंट ज्यूइस विधि कॉलेज का यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की थीम को जमीनी स्तर पर सार्थक करता नजर आया—अलग-अलग परिस्थितियों में रहने वाले युवाओं की आकांक्षाएं भले अलग दिखाई दें, लेकिन बेहतर भविष्य और समाज में सकारात्मक बदलाव की उनकी मंजिल एक ही है।





