उन्नाव बार एसोसिएशन चुनाव में बदलाव का एजेंडा, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नरेंद्र कुमार अवस्थी ने रखा आठ सूत्रीय विजन
कचहरी परिसर की व्यवस्थाओं से लेकर अधिवक्ताओं के हितों तक उठेगा आवाज बुलंद करने का संकल्प, जलभराव, पार्किंग, स्वच्छ शौचालय और नए चेंबर निर्माण को बताया प्राथमिकता
उन्नाव। उन्नाव बार एसोसिएशन के वर्ष 2026-2027 की कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार एवं अधिवक्ता नरेंद्र कुमार अवस्थी ने कचहरी परिसर स्थित अपने चेंबर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अधिवक्ताओं के हितों और कचहरी परिसर की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर अपना आठ सूत्रीय विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन केवल चुनावी संस्था नहीं, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की समस्याओं, सम्मान और अधिकारों की मजबूत आवाज है। इसलिए कार्यकारिणी ऐसी होनी चाहिए जो अधिवक्ताओं की रोजमर्रा की परेशानियों को समझे और उनके समाधान के लिए प्रभावी ढंग से काम करे।
प्रेसवार्ता में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नरेंद्र कुमार अवस्थी ने कचहरी परिसर में लंबे समय से सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता प्रतिदिन न्यायिक कार्य के लिए कचहरी परिसर में आते हैं। ऐसे में परिसर का व्यवस्थित, स्वच्छ और सुविधाजनक होना बेहद आवश्यक है। उनके द्वारा प्रस्तुत विजन में जलभराव की समस्या से निजात, अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के लिए स्वच्छ शौचालय, व्यवस्थित पार्किंग, सभी वर्गों के अधिवक्ताओं को साथ लेकर संरक्षण मंडल का गठन, सार्वजनिक कार्यक्रमों में सहभागिता, नवागत अधिवक्ताओं के लिए निःशुल्क कानूनी प्रशिक्षण, समान क्षेत्रफल के नए चेंबर तथा अधिवक्ता की मृत्यु पर कंडोलेंस जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है।
जलभराव से निजात दिलाने का संकल्प
नरेंद्र कुमार अवस्थी ने कचहरी परिसर की सबसे महत्वपूर्ण समस्याओं में से एक जलभराव को बताया। बारिश के दौरान कचहरी परिसर में पानी जमा होने से अधिवक्ताओं, वादकारियों और अन्य लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि कचहरी परिसर को जलभराव की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त कराने के लिए प्रभावी पहल की जाएगी। जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने और समस्या के स्थायी समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास करने का उन्होंने संकल्प व्यक्त किया।
स्वच्छ शौचालय की सुविधा पर जोर
उन्होंने कहा कि कचहरी परिसर में आने वाले अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए साफ-सुथरे एवं स्वच्छ यूनिटल/शौचालय की व्यवस्था आवश्यक है। विशेषकर लंबे समय तक न्यायिक कार्यों में व्यस्त रहने वाले अधिवक्ताओं के लिए मूलभूत सुविधाएं बेहतर होना जरूरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुविधानुसार परिसर में स्वच्छता एवं शौचालय व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रयास किया जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने की पहल
कचहरी परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग भी लंबे समय से परेशानी का कारण बनती है। वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से न केवल आवागमन प्रभावित होता है बल्कि कई बार अधिवक्ताओं और पक्षकारों को आने-जाने में भी असुविधा होती है। अवस्थी ने कहा कि पार्किंग को व्यवस्थित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिवक्ताओं और पक्षकारों को आवागमन में सुविधा मिल सके तथा कचहरी परिसर में अनावश्यक अव्यवस्था कम हो।
सभी वर्गों को साथ लेकर संरक्षण मंडल बनाने की योजना
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने अपने विजन में सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के अधिवक्ताओं को सम्मिलित कर संरक्षण मंडल के गठन की बात कही। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की ताकत उसकी एकजुटता में है। बार की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी अधिवक्ताओं को साथ लेकर चलना और उनके हितों की आवाज को मजबूती देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
सार्वजनिक समारोहों में सभी की सहभागिता
नरेंद्र कुमार अवस्थी ने कहा कि बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित सार्वजनिक समारोहों में सभी जाति, धर्म और संप्रदाय के लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि बार केवल न्यायिक गतिविधियों तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी सौहार्द, भाईचारे और अधिवक्ता एकता को मजबूत किया जा सकता है।
नवागत अधिवक्ताओं के लिए निःशुल्क कानूनी प्रशिक्षण
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ने नवागत अधिवक्ताओं के लिए निःशुल्क कानूनी प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी अपने प्रमुख प्रस्तावों में शामिल किया है। उनका मानना है कि नए अधिवक्ताओं को न्यायिक प्रक्रिया, कानून की व्यावहारिक जानकारी और न्यायालयीन कार्यप्रणाली को समझने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुभवी अधिवक्ताओं और नए अधिवक्ताओं के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान बार को और मजबूत बनाएगा। निःशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था से युवा अधिवक्ताओं को अपने पेशे की बारीकियां सीखने में मदद मिलेगी और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ न्यायिक कार्य कर सकेंगे।
समान क्षेत्रफल के नए चेंबर बनाने की पहल
अवस्थी ने आवश्यकता के अनुसार समान क्षेत्रफल के नए चेंबरों के निर्माण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि अधिवक्ताओं को काम करने के लिए बेहतर और व्यवस्थित स्थान मिलना चाहिए। चेंबरों के संबंध में पारदर्शिता और समानता बनाए रखते हुए आवश्यकता के अनुसार नए चेंबरों के निर्माण की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
अधिवक्ता के निधन पर कंडोलेंस की व्यवस्था
उन्होंने अधिवक्ता समुदाय के बीच आपसी संवेदना और एकजुटता को मजबूत करने के लिए किसी अधिवक्ता के निधन पर कंडोलेंस की व्यवस्था को भी अपने एजेंडे में शामिल किया। उनका कहना है कि बार एसोसिएशन परिवार की तरह है और किसी साथी अधिवक्ता के निधन के समय पूरे अधिवक्ता समाज को परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए। यह परंपरा अधिवक्ताओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करेगी।
‘सुविधा, सम्मान और एकता’ को बताया लक्ष्य
नरेंद्र कुमार अवस्थी ने कहा कि उनका प्रयास केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बार एसोसिएशन को ऐसी कार्यप्रणाली देने का है जिसमें अधिवक्ताओं की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना जाए, सुविधाओं में सुधार हो और सभी अधिवक्ताओं को समान सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि कचहरी परिसर की मूलभूत समस्याओं का समाधान और अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता होगी।
बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं के बीच विभिन्न प्रत्याशियों के दावों और एजेंडों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। ऐसे में नरेंद्र कुमार अवस्थी द्वारा जारी आठ सूत्रीय विजन में कचहरी परिसर की आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ युवा अधिवक्ताओं और सामाजिक एकता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दिए जाने को चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अवस्थी ने अधिवक्ता साथियों से सहयोग और समर्थन की अपील करते हुए कहा कि मजबूत बार एसोसिएशन का आधार मजबूत एकता, पारदर्शिता और अधिवक्ताओं के सम्मान में निहित है। उन्होंने विश्वास जताया कि अधिवक्ताओं के सहयोग से कचहरी परिसर को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा सकता है।
प्रेसवार्ता में प्रस्तुत आठ सूत्रीय विजन ने उन्नाव बार एसोसिएशन के चुनावी माहौल में विकास और व्यवस्थागत सुधार के मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। अब देखना होगा कि आगामी चुनाव में अधिवक्ता समुदाय किस एजेंडे और नेतृत्व पर अपना विश्वास जताता है।


