नवाबगंज सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने जिला अस्पताल भेजा, परिवार में मची चिंता
नवाबगंज, उन्नाव। विकासखंड नवाबगंज के कुंजपुर गांव में सोमवार सुबह खेत में काम कर रहे एक किसान को कथित तौर पर जहरीले कीड़े ने काट लिया। अचानक हुई इस घटना से किसान की हालत बिगड़ गई। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग उसे आनन-फानन में निजी वाहन से नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने किसान की जांच कर प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद से किसान के परिजनों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कुंजपुर गांव निवासी विजय शंकर, उम्र करीब 55 वर्ष, सोमवार सुबह रोजाना की तरह अपने खेत पर काम करने के लिए गए थे। बताया जा रहा है कि खेत में काम करने के दौरान अचानक किसी जहरीले कीड़े ने उन्हें काट लिया। कीड़े के काटने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। घटना की जानकारी जब परिजनों को हुई तो उन्होंने बिना देर किए विजय शंकर को उपचार के लिए नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
अचानक बिगड़ी किसान की हालत
परिजनों के मुताबिक, खेत में काम करने के दौरान किसान को जहरीले कीड़े के काटने का एहसास हुआ। इसके बाद उनकी हालत खराब होने लगी। ग्रामीण क्षेत्र में खेतों में काम करने वाले किसानों को अक्सर जहरीले कीड़ों, सांप-बिच्छुओं और अन्य जीव-जंतुओं का सामना करना पड़ता है। इसी तरह की आशंका के चलते परिवार के लोगों ने समय गंवाए बिना विजय शंकर को अस्पताल पहुंचाने का निर्णय लिया।
किसान के भाई दीपक कुमार ने बताया कि विजय शंकर सोमवार सुबह खेत पर काम करने गए थे। इसी दौरान किसी जहरीले कीड़े ने उन्हें काट लिया। जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग उन्हें तत्काल निजी वाहन से नवाबगंज सीएचसी लेकर पहुंचे।
सीएचसी में मिला प्राथमिक उपचार
नवाबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने विजय शंकर की स्थिति की जांच की। उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। चिकित्सकों द्वारा आवश्यक उपचार किए जाने के बावजूद उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। किसान की स्थिति को देखते हुए सीएचसी के चिकित्सकों ने परिजनों को बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की सलाह दी। इसके बाद विजय शंकर को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल रवाना हो गए, जहां उनका आगे का उपचार कराया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक किसान की स्थिति को लेकर परिवार के लोग चिंतित थे।
खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की जरूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं। किसान सुबह से लेकर शाम तक खेतों में काम करते हैं। खेतों में फसल, घास, झाड़ियों और मिट्टी के बीच विभिन्न प्रकार के कीड़े-मकौड़े और जहरीले जीव छिपे हो सकते हैं। ऐसे में किसानों के लिए खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
विशेषकर बरसात के मौसम में खेतों और आसपास के क्षेत्रों में कीड़े-मकौड़ों तथा जहरीले जीव-जंतुओं की सक्रियता बढ़ सकती है। घनी घास, झाड़ियों, मेड़ों और खेत के किनारों पर काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता रहती है।
ग्रामीणों में घटना को लेकर चर्चा
कुंजपुर गांव में किसान के साथ हुई घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में भी चर्चा शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने वाले लोगों को ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, किसी भी जहरीले जीव या कीड़े के काटने की स्थिति में घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
परिजनों ने भी समय पर अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराने को प्राथमिकता दी। नवाबगंज सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों द्वारा किसान को जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद परिवार के लोग उसे लेकर आगे के इलाज के लिए रवाना हो गए।
समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण
जहरीले कीड़े या किसी अन्य जहरीले जीव के काटने की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में काटे गए स्थान पर बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई रसायन, जड़ी-बूटी या अन्य पदार्थ लगाने से बचना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
कुंजपुर गांव के किसान विजय शंकर के मामले में भी परिजनों ने घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें अस्पताल पहुंचाया। नवाबगंज सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल भेजा गया। अब परिवार को उम्मीद है कि जिला अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने के बाद उनकी हालत में सुधार होगा।
फिलहाल घटना ने एक बार फिर खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा और बरसात के मौसम में जहरीले कीड़े-मकौड़ों से बचाव को लेकर सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। किसानों को खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने तथा किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की आवश्यकता है।


