🚆 रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी खबर: दो एक्सप्रेस ट्रेनों का विलय, अब प्रतापगढ़ से चित्रकूट तक सीधा सफर
14109/10 और 14123/24 का विलय, नई समय-सारिणी लागू; 24 कोच के साथ मिलेगी ज्यादा यात्री क्षमता, उन्नाव समेत कई जिलों के यात्रियों को बड़ा लाभ
उन्नाव/लखनऊ। रेलवे यात्रियों के लिए बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तर रेलवे मुख्यालय, नई दिल्ली की ओर से जारी आदेश के अनुसार 14109/14110 (CNB–CKTD) एक्सप्रेस और 14123/14124 (MBDP–CNB) एक्सप्रेस का विलय कर दिया गया है। विलय के बाद ट्रेन सेवा का विस्तार मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से चित्रकूटधाम कर्वी तक किया जाएगा। रेलवे के इस महत्वपूर्ण निर्णय से प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर रोड, बांदा, अतर्रा और चित्रकूट सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि यात्रियों को प्रतापगढ़ से चित्रकूट या चित्रकूट से प्रतापगढ़ की यात्रा के दौरान बीच में ट्रेन बदलने की परेशानी काफी हद तक कम होगी।
रेलवे के आधिकारिक निर्णय के अनुसार नई व्यवस्था सितंबर 2026 से लागू की जा रही है। नई व्यवस्था में ट्रेन संख्या, संचालन, समय-सारिणी, ठहराव तथा कोच संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं।
प्रतापगढ़ से चित्रकूट तक एक ही ट्रेन
विलय के बाद ट्रेन संख्या 14123 को मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़–चित्रकूटधाम कर्वी एक्सप्रेस के रूप में संचालित किया जाएगा। वहीं ट्रेन संख्या 14124 विपरीत दिशा में चित्रकूटधाम कर्वी–मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ एक्सप्रेस के रूप में चलेगी।
नई व्यवस्था के तहत प्रतापगढ़ से चलने वाली ट्रेन लखनऊ, उन्नाव और कानपुर होते हुए बुंदेलखंड की दिशा में आगे बढ़ेगी और बांदा, अतर्रा होते हुए चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी।
इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।
उन्नाव के यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव
इस पूरे बदलाव में उन्नाव जंक्शन के यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण सुविधा सामने आई है। नई समय-सारिणी में उन्नाव को ट्रेन के प्रमुख ठहराव वाले स्टेशनों में शामिल किया गया है।
जारी नई समय-सारिणी के अनुसार—
🚆 14123 MBDP–CKTD एक्सप्रेस
उन्नाव जंक्शन: सुबह 08:50 बजे आगमन
प्रस्थान: सुबह 08:52 बजे
🚆 14124 CKTD–MBDP एक्सप्रेस
उन्नाव जंक्शन: शाम 18:21 बजे आगमन
प्रस्थान: शाम 18:23 बजे
अर्थात 14124 ट्रेन का उन्नाव जंक्शन पर 2 मिनट का ठहराव निर्धारित है।
उन्नाव और आसपास के यात्रियों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होगा। यात्रियों को सलाह है कि वे ट्रेन पकड़ने के लिए अंतिम समय का इंतजार न करें और नई समय-सारिणी को ध्यान में रखते हुए पहले से स्टेशन पहुंचें।
कानपुर सेंट्रल से चित्रकूट तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नई व्यवस्था में कानपुर सेंट्रल की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रतापगढ़ से आने वाली ट्रेन लखनऊ, उन्नाव होते हुए कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी और इसके बाद बुंदेलखंड की ओर आगे जाएगी।
नई सेवा का मार्ग प्रमुख रूप से—
कानपुर सेंट्रल → भीमसेन → कठारा रोड → पतारा → घाटमपुर → हमीरपुर रोड → यमुना साउथ बैंक → भरुआ सुमेरपुर → रागौल → बांदा → अतर्रा → चित्रकूटधाम कर्वी रहेगा। इस मार्ग से कानपुर और बुंदेलखंड के बीच भी यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
प्रतापगढ़ से शुरू होकर कई जिलों को जोड़ेगी ट्रेन
नई ट्रेन सेवा का विस्तार कई महत्वपूर्ण जिलों और कस्बों को जोड़ता है।
इसके प्रमुख स्टेशन हैं—
मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़, चिलबिला जंक्शन, मां चंद्रिका देवी धाम, अमेठी, गौरीगंज, कासिमपुर हाल्ट, जायस, फुरसतगंज, रायबरेली जंक्शन, हरचंदपुर, बछरावां, निगोहां, लखनऊ, मानक नगर, उन्नाव, कानपुर सेंट्रल, भीमसेन, कठारा रोड, पतारा, घाटमपुर, हमीरपुर रोड, यमुना साउथ बैंक, भरुआ सुमेरपुर, रागौल, बांदा, अतर्रा और चित्रकूटधाम कर्वी।
इस प्रकार यह रेल सेवा कई जिला मुख्यालयों, धार्मिक स्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों को आपस में जोड़ने का काम करेगी।
12 की जगह अब 24 कोच
रेलवे यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत कोच संख्या बढ़ने से मिलने वाली है। रेलवे के निर्णय के अनुसार संबंधित सेवा की कोच संरचना में वृद्धि की जा रही है। पहले जहां 12 ICF कोच की व्यवस्था थी, उसे बढ़ाकर 24 ICF कोच किया जाएगा।
नई स्वीकृत संरचना में—
SLRD – 02
GS – 22
कुल – 24 ICF कोच
की व्यवस्था बताई गई है। कोच संख्या दोगुनी होने से यात्रियों के लिए उपलब्ध क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा। व्यस्त दिनों में सीटों की मांग और भीड़ को देखते हुए यह बदलाव यात्रियों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
किन ट्रेनों में लागू होगा कोच वृद्धि का बदलाव?
रेलवे के आदेश के अनुसार निम्न ट्रेनों की कोच संरचना में परिवर्तन किया जाना है—
14102 CNB–PYGS एक्सप्रेस
14101 PYGS–CNB एक्सप्रेस
22442 CNB–CKTD एक्सप्रेस
14124 CKTD–MBDP एक्सप्रेस
14123 MBDP–CKTD एक्सप्रेस
22441 CKTD–CNB एक्सप्रेस
इन ट्रेनों में स्वीकृत संरचना के अनुसार 24 ICF कोच की व्यवस्था किए जाने से यात्रियों की क्षमता बढ़ेगी।
धार्मिक यात्रियों को भी बड़ी सुविधा
नई रेल सेवा का महत्व केवल सामान्य यात्रियों तक सीमित नहीं है। धार्मिक यात्रियों के लिए भी यह सेवा काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
एक ओर मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ और मार्ग में पड़ने वाले अन्य धार्मिक स्थल हैं तो दूसरी ओर चित्रकूटधाम जैसे प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल हैं।
प्रतापगढ़ और चित्रकूट के बीच सीधी रेल सेवा मिलने से श्रद्धालुओं को यात्रा की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के दौरान 24 कोच की व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।
यात्रियों को ट्रेन बदलने की परेशानी से राहत
इस विलय का सबसे बड़ा लाभ सीधी कनेक्टिविटी है।
प्रतापगढ़ से चित्रकूट अथवा चित्रकूट से प्रतापगढ़ जाने वाले यात्रियों को अब कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन बदलने की आवश्यकता कम होगी।
इससे—
- यात्रा का समय बच सकता है।
- ट्रेन बदलने की परेशानी कम होगी।
- सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को सुविधा होगी।
- बुजुर्ग और परिवार के साथ यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी।
- धार्मिक यात्रियों के लिए सफर आसान हो सकता है।
- उन्नाव, लखनऊ और रायबरेली के यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेगा।
22445 CNB–ASR सुपरफास्ट का समय भी बदला
रेलवे के इसी आदेश में 22445 CNB–ASR सुपरफास्ट एक्सप्रेस के समय में भी बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार कानपुर सेंट्रल से इस ट्रेन का प्रस्थान समय शाम 5:30 बजे निर्धारित किया गया है। पहले यह ट्रेन शाम 5:45 बजे रवाना होती थी।
अर्थात कानपुर सेंट्रल से ट्रेन के प्रस्थान समय में 15 मिनट का बदलाव किया गया है।
इसलिए इस ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को पुराने समय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
15084 FBD–CPR एक्सप्रेस के समय में भी बदलाव
ट्रेन संख्या 15084 FBD–CPR एक्सप्रेस के संचालन समय में भी संशोधन किया गया है।
जारी संशोधित समय-सारिणी के अनुसार कुछ स्टेशनों पर इसके आगमन और प्रस्थान के समय में बदलाव किया गया है।
प्रमुख समय इस प्रकार बताए गए हैं—
| स्टेशन | संशोधित आगमन | संशोधित प्रस्थान |
|---|---|---|
| CPA | 17:21 | 17:26 |
| CNB | 17:40 | 17:50 |
| ON | 18:21 | 18:23 |
| MKG | — | 19:10 |
नई व्यवस्था का उद्देश्य ट्रेनों के संचालन को संशोधित शेड्यूल के अनुसार व्यवस्थित करना है।
उन्नाव के लिए क्यों खास है रेलवे का यह फैसला?
उन्नाव की भौगोलिक स्थिति इसे रेल यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। उन्नाव लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित है और बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन नौकरी, व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इन शहरों की यात्रा करते हैं।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी अधिक है।
ऐसे में प्रतापगढ़ से लखनऊ, उन्नाव और कानपुर होते हुए चित्रकूट तक जाने वाली ट्रेन उन्नाव के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक उपयोगी विकल्प प्रदान कर सकती है।
विशेष रूप से चित्रकूट और बांदा की ओर जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के बीच मजबूत होगा रेल संपर्क
यह बदलाव केवल उन्नाव या कानपुर तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक असर अवध और बुंदेलखंड के बीच रेल संपर्क पर भी पड़ सकता है।
लखनऊ, रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जैसे क्षेत्रों के यात्रियों के लिए चित्रकूट और बांदा तक पहुंचना आसान हो सकता है।
वहीं चित्रकूट और बांदा क्षेत्र के यात्रियों को लखनऊ, उन्नाव और प्रतापगढ़ की ओर आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त सीधा रेल विकल्प मिलेगा।
इस प्रकार नई सेवा उत्तर प्रदेश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
स्टेशन पर सूचना प्रसारित करने के निर्देश
रेलवे ने नई व्यवस्था के संबंध में यात्रियों को समय से जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए स्टेशन के नोटिस बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले तथा अन्य प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया है।
रेलवे ने संबंधित अधिकारियों और विभागों को नई व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य यह है कि यात्रियों को ट्रेन के समय, मार्ग और संचालन में हुए बदलाव की जानकारी पहले से मिल सके।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
यात्रा से पहले—
1. ट्रेन नंबर जरूर जांचें।
2. नए आगमन और प्रस्थान समय की पुष्टि करें।
3. ट्रेन के शुरुआती और अंतिम स्टेशन को देखें।
4. स्टेशन पर पर्याप्त समय पहले पहुंचें।
5. पुराने समय-सारिणी के आधार पर यात्रा की योजना न बनाएं।
6. विशेष रूप से 14123 और 14124 की नई सेवा को ध्यान में रखें।
रेलवे की अधिकृत जानकारी से यात्रा से पहले समय की पुष्टि करना सबसे बेहतर रहेगा, क्योंकि परिचालन परिस्थितियों के कारण समय में परिवर्तन संभव हो सकता है।
उन्नाव के यात्रियों के लिए याद रखने योग्य समय
14123 — मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़ से चित्रकूटधाम कर्वी
उन्नाव आगमन: 08:50 बजे
उन्नाव प्रस्थान: 08:52 बजे
14124 — चित्रकूटधाम कर्वी से मां बेल्हा देवी धाम प्रतापगढ़
उन्नाव आगमन: 18:28 बजे
उन्नाव प्रस्थान: 18:30 बजे
ठहराव: 2 मिनट
उन्नाव के यात्रियों के लिए खास तौर पर 18:21–18:23 बजे का समय ध्यान रखने योग्य है।
रेलवे का फैसला यात्रियों के लिए कितना अहम?
रेलवे द्वारा दो ट्रेन सेवाओं का विलय, नई समय-सारिणी और कोचों की संख्या में वृद्धि एक साथ होने से इस रेलखंड के यात्रियों की यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है।
एक ओर प्रतापगढ़ से चित्रकूट तक सीधी सेवा का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर 24 कोच की क्षमता से अधिक यात्रियों को यात्रा का अवसर मिल सकेगा।
उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, कानपुर, बांदा और चित्रकूट के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव विशेष महत्व रखता है।
रेल सेवा का विस्तार केवल यात्री सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। इससे धार्मिक पर्यटन, स्थानीय व्यापार, रोजगार और विभिन्न जिलों के बीच सामाजिक एवं आर्थिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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दो ट्रेनें हुईं एक—अब प्रतापगढ़ से चित्रकूट तक सीधा सफर!
14109/10 और 14123/24 एक्सप्रेस का विलय यात्रियों के लिए बड़ी खबर है।
12 की जगह 24 कोच, प्रतापगढ़ से चित्रकूट तक सीधी सेवा और कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव—रेल यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा बदलाव किया है।
उन्नाव में खास समय
🚆 14123 MBDP–CKTD
08:50 आगमन | 08:52 प्रस्थान
🚆 14124 CKTD–MBDP
18:21 आगमन | 18:23 प्रस्थान
सिर्फ 2 मिनट का ठहराव—यात्री समय से स्टेशन पहुंचें।
प्रतापगढ़ से अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, उन्नाव, कानपुर होते हुए बांदा और चित्रकूट तक जुड़ने वाली यह रेल सेवा उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है।
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