अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर सीएचसी पुरवा की टीम ने चलाया जागरूकता अभियान, छात्राओं को सेल्फ रिस्क असेसमेंट और एचआईवी स्क्रीनिंग के लिए किया प्रेरित
पुरवा, उन्नाव। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर युवाओं को एचआईवी, टीबी, सिफलिस समेत विभिन्न संक्रामक रोगों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पुरवा की टीम ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम के दौरान सरदार पटेल इंटर कॉलेज, चंडीगढ़ पुरवा में छात्र-छात्राओं को संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जागरूकता कार्यक्रम में कुल 183 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के निर्देशों तथा जिला क्षय रोग अधिकारी के आदेश के क्रम में किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा के आईसीटीसी की ओर से महेश कुमार ने छात्र-छात्राओं को एचआईवी सहित अन्य संक्रमण संबंधी बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना और किसी भी बीमारी के संभावित लक्षण अथवा जोखिम की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद आवश्यक है।
एचआईवी और संक्रमण रोगों से बचाव की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को एचआईवी, टीबी, सिफलिस और अन्य संक्रामक रोगों के संबंध में जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं को बीमारी के संक्रमण के संभावित कारणों, बचाव के उपायों तथा समय पर जांच कराने के महत्व के बारे में बताया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी भी संक्रमण को लेकर भ्रम या गलत जानकारी के बजाय चिकित्सकीय सलाह और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा करना चाहिए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को अपने परिवार और समुदाय में भी सही जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया।
छात्राओं को सेल्फ रिस्क असेसमेंट की जानकारी
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा सेल्फ रिस्क असेसमेंट रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को सेल्फ रिस्क असेसमेंट के बारे में जानकारी दी और बताया कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को समझने के लिए उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान क्यूआर कोड के माध्यम से सेल्फ रिस्क असेसमेंट भी कराया गया। छात्राओं को इस प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ उन्हें अपने समुदाय के लोगों को भी सेल्फ रिस्क असेसमेंट के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवाओं को जागरूकता का माध्यम बनाते हुए स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
एचआईवी स्क्रीनिंग के लिए किया प्रोत्साहित
जागरूकता अभियान के दौरान छात्राओं को एचआईवी स्क्रीनिंग के महत्व के बारे में भी बताया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध आईसी सामग्री के माध्यम से विद्यार्थियों को आवश्यक जानकारी दी गई और उन्हें एचआईवी स्क्रीनिंग के प्रति जागरूक एवं प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि स्वास्थ्य संबंधी जांच को लेकर किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। समय पर जानकारी और जांच से व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित चिकित्सा सहायता लेने में मदद मिल सकती है।
183 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
सरदार पटेल इंटर कॉलेज में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यालय के 183 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और विभिन्न संक्रमण रोगों से बचाव तथा स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग से जुड़े विषयों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित करना रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी बीमारी या संक्रमण को लेकर अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग अथवा योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
विद्यालय स्टाफ ने किया सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय प्रशासन एवं शिक्षकों का भी सहयोग रहा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रमाकांत के साथ सहयोगी शिक्षक श्रेयश, अंकित कुमार, शशि कुमार, कृष्ण कुमार, रजनीश, कोमल मैडम और महक देवी समेत विद्यालय का अन्य शिक्षण स्टाफ मौजूद रहा।
विद्यालय प्रशासन ने स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े इस कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को गंभीरता से लेने और अपने परिवार तथा समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, संक्रमण रोगों से बचाव और समय पर स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि जागरूकता और सही जानकारी संक्रमण से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी को देखते हुए यह भी संदेश दिया गया कि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और समुदाय में भी स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पुरवा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को एचआईवी, टीबी, सिफलिस और अन्य संक्रमण रोगों के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ समय पर जांच और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।


