सफीपुर में बच्चों की अनूठी पहल: खुले में शौच करने वालों को सीटी बजाकर रोकते हैं नौनिहाल, गुलाब देकर समझाते हैं स्वच्छता का महत्व
सफीपुर, उन्नाव। कंपोजिट विद्यालय रनियामऊं में शिक्षक अमित तिवारी की पहल पर स्वच्छता को लेकर अनूठा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में विद्यालय के बच्चे गांव में खुले में शौच की प्रवृत्ति को रोकने और ग्रामीणों को शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अभियान के दौरान बच्चे सुबह गांव में निकलकर खुले में शौच के लिए जाने वाले लोगों को देखकर सीटी बजाते हैं और उन्हें खुले में शौच न करने तथा शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं। खास बात यह है कि बच्चों का उद्देश्य किसी को डांटना या शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि सम्मान और संवेदनशीलता के साथ स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
ग्रामीणों को गुलाब देकर दे रहे स्वच्छता का संदेश
अभियान में बच्चों का सबसे अलग अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। कई स्थानों पर बच्चे ग्रामीणों को गुलाब का फूल भेंट कर स्वच्छता अपनाने का संदेश देते हैं। बच्चों की यह पहल गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है।
शिक्षक अमित तिवारी ने स्वच्छता की शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय इसे सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया है। उनकी प्रेरणा से विद्यार्थी गांव की गलियों और घरों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचा रहे हैं।
बच्चों को बनाया स्वच्छता अभियान का ब्रांड एंबेसडर
अभियान के माध्यम से बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। विद्यार्थियों को अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाकर उन्हें स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी दी गई है।
शिक्षक अमित तिवारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना और ग्रामीणों में स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाना है। उनका कहना है कि जब बच्चे स्वयं स्वच्छता का संदेश लेकर समाज के बीच पहुंचते हैं तो इसका सकारात्मक प्रभाव लोगों पर पड़ता है।
ये लोग रहे मौजूद
स्वच्छता जागरूकता अभियान में अमित तिवारी, देवेंद्र त्रिपाठी, संतोषी देवी, कृपाशंकर, पूनम देवी, सुदेवी, राधा देवी और रमा देवी मौजूद रहीं।
बच्चों की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। बच्चों के माध्यम से गांव में दिया जा रहा यह संदेश लोगों को स्वच्छता की आदत अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
रिपोर्ट - राकेश कुमार तिवारी


