श्रावण मास से पहले आजमगढ़ में ताबड़तोड़ कार्रवाई, 12 खाद्य पदार्थों के नमूने सील—सचल प्रयोगशाला से भी जागरूकता अभियान तेज
आजमगढ़। आगामी श्रावण मास को देखते हुए मिलावटी खाद्य एवं पेय पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर पनीर, तेल, मिठाई, दूध, दाल सहित 12 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी आजमगढ़ के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित सचल दल ने विभिन्न बाजारों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की और संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लिए।
इन स्थानों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने
विभागीय टीम ने निजामाबाद से पनीर और रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सरसेना खालसा से पनीर एवं सोयाबीन रिफाइंड ऑयल, गंभीरपुर से रिफाइंड सोयाबीन ऑयल एवं कलाकंद बर्फी, महाराजगंज से गुलाबजामुन, लाटघाट से बर्फी, जहानागंज से मूंगफली का दाना, परानापुर से दूध, छितौनी से अरहर दाल तथा बूढ़नपुर से सरसों के तेल का नमूना संग्रहित किया।
सभी नमूनों को नियमानुसार राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदारों को साफ-सफाई और लाइसेंस को लेकर सख्त निर्देश
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए।
इसके साथ ही खाद्य कारोबारियों को खाद्य विभाग द्वारा जारी खाद्य पंजीकरण/लाइसेंस को प्रतिष्ठान के प्रमुख एवं दृश्य स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के भंडारण और बिक्री के दौरान स्वच्छता मानकों का पालन करने की भी हिदायत दी।
सचल प्रयोगशाला बनी जागरूकता का माध्यम
खाद्य सुरक्षा विभाग ने केवल नमूना संग्रहण तक अभियान को सीमित नहीं रखा, बल्कि सचल खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से जनपद के विभिन्न स्थानों पर खाद्य कारोबारियों एवं आमजन को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
इस दौरान लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा मिलावट से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही फूड सेफ्टी कनेक्ट एप के संबंध में भी लोगों को जागरूक किया गया, ताकि उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों एवं सूचनाओं को उचित माध्यम तक पहुंचा सकें।
त्योहारों तक जारी रहेगा अभियान
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आजमगढ़ सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि पर्व एवं त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने के लिए छापेमार एवं जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग की नजर विशेष रूप से उन खाद्य प्रतिष्ठानों पर है, जहां मिलावट या अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं बिक्री की आशंका है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि खुले में रखे, अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित अथवा संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
इन अधिकारियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी, रजनीश कुमार, सुचित प्रसाद, शीत कुमार सिंह, लालमनी यादव, गोविन्द यादव, बिरेन्द्र यादव, राजीव कुमार सिंह एवं बेबी सोनम शामिल रहे।
रिपोर्ट : रघुबीर मौर्य
ब्यूरो प्रमुख, आजमगढ़
ग्रामीण दृष्टि राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र


