दिवंगत विधायक आलम बदी आज़मी को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिले सपा प्रमुख; बोले—‘अगर फैसला पहले लेना था तो छात्रों से बातचीत क्यों नहीं की?’
पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा—‘एक फैसले से खत्म नहीं होगी समस्या, पारदर्शी व्यवस्था बनानी होगी’
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को आजमगढ़ पहुंचे। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। आजमगढ़ पहुंचकर सपा प्रमुख ने शहर के कुर्मी टोला स्थित दिवंगत सपा विधायक आलम बदी आज़मी के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अखिलेश यादव ने परिवार को भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनका साथ देती रहेगी।
‘नई पीढ़ी की ऊर्जा और संघर्ष की हुई जीत’
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की ऊर्जा, संघर्ष और आवाज की जीत हुई है। युवाओं ने अपनी बात मजबूती के साथ सरकार तक पहुंचाई और अंततः सरकार को अपने फैसले पर झुकना पड़ा।
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि सरकार को आखिरकार यही फैसला लेना था तो पहले ही छात्रों से बातचीत क्यों नहीं की गई? सरकार को युवाओं की आवाज सुननी चाहिए थी और समय रहते उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही पेपर लीक की बात स्वीकार कर चुकी थी। ऐसे में छात्रों के सवालों और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था।
‘यह जेन-जी की बड़ी जीत है’
अखिलेश यादव ने युवाओं के संघर्ष को ‘जेन-जी की बड़ी जीत’ बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि डरी हुई सरकार आखिरकार झुक गई है और अब उसके जाने का समय आ गया है।
उनके इस बयान के बाद आजमगढ़ की राजनीतिक गतिविधियों में भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
‘हां, समाजवादी पार्टी राजनीति कर रही है—युवाओं के अधिकारों की’
छात्रों के आंदोलन को लेकर समाजवादी पार्टी पर राजनीति करने के आरोपों पर अखिलेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर समाजवादी पार्टी राजनीति कर रही है तो वह युवाओं के अधिकारों की राजनीति कर रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी छात्रों और नौजवानों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी। युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर समाजवादी पार्टी किसी भी स्तर पर पीछे हटने वाली नहीं है।
छात्रों पर लाठीचार्ज को बताया गलत
दिल्ली में हुई हिंसा और छात्रों पर लाठीचार्ज के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हिंसा का हमेशा विरोध करती है। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे युवाओं के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उनकी बात सुने और समाधान की दिशा में कदम उठाए।
‘सिर्फ एक फैसले से खत्म नहीं होगी पेपर लीक की समस्या’
नकल और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार के फैसले को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उन्होंने कहा कि केवल एक निर्णय लेने से परीक्षा व्यवस्था की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इसके लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और मजबूत परीक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी, ताकि लाखों छात्र-छात्राओं की मेहनत और उनका भविष्य सुरक्षित रह सके।
अखिलेश यादव ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसा भरोसा कायम होना चाहिए कि मेहनत करने वाले प्रत्येक छात्र को यह विश्वास रहे कि उसकी मेहनत का परिणाम किसी पेपर लीक, नकल या अनियमितता की भेंट नहीं चढ़ेगा।
श्रद्धांजलि से शुरू हुआ दौरा, युवाओं के मुद्दे पर सरकार पर बरसे अखिलेश
आजमगढ़ में अखिलेश यादव का दौरा दिवंगत विधायक आलम बदी आज़मी को श्रद्धांजलि देने और उनके परिजनों से मुलाकात के साथ शुरू हुआ। लेकिन मीडिया से बातचीत में उन्होंने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
एक तरफ उन्होंने दिवंगत विधायक के परिवार के प्रति अपनी संवेदना और संगठनात्मक प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, छात्रों पर लाठीचार्ज और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
अखिलेश यादव के बयान के बाद आजमगढ़ में सियासी हलचल बढ़ गई है। अब देखने वाली बात होगी कि उनके इन तीखे सवालों पर सत्तापक्ष की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
बड़ा सवाल
क्या छात्रों के आंदोलन के बाद सरकार का फैसला नई राजनीतिक बहस की शुरुआत है?
अखिलेश यादव के आजमगढ़ दौरे में श्रद्धांजलि के साथ-साथ युवाओं के मुद्दे पर जिस तरह सरकार को घेरा गया, उससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।
रिपोर्ट : रघुबीर मौर्य
ब्यूरो प्रमुख, आजमगढ़
ग्रामीण दृष्टि राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र


