स्व. चौधरी उस्मान अहमद (एडवोकेट) की स्मृति में परिजनों द्वारा कराए गए सभागार के सौंदर्यीकरण का उद्घाटन, बार-बेंच के समन्वय और न्यायिक परंपराओं को सुदृढ़ करने का दिया गया संदेश।
उन्नाव, 25 जुलाई। उन्नाव बार एसोसिएशन, उन्नाव के सभागार में शनिवार को एक गरिमामय एवं ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया गया। स्वर्गीय चौधरी उस्मान अहमद (एडवोकेट) की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों द्वारा कराए गए सभागार के सौंदर्यीकरण कार्य का भव्य उद्घाटन प्रशासनिक न्यायमूर्ति, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति बुजराज सिंह के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
समारोह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि जनपद न्यायाधीश, उन्नाव माननीय अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की अध्यक्षता उन्नाव बार एसोसिएशन की एल्डर कमेटी के चेयरमैन श्री बालकृष्ण बाजपेयी ने की।
कार्यक्रम में बार एवं बेंच से जुड़े अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, गणमान्य नागरिकों तथा बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सहभागिता कर स्वर्गीय चौधरी उस्मान अहमद के न्यायिक एवं सामाजिक योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज के सम्मानित सदस्य होने के साथ-साथ न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाना चाहिए।
उन्नाव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट गिरीश कुमार मिश्रा एवं महामंत्री एडवोकेट अनुज कुमार बाजपेयी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी न्यायमूर्तियों, न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, गणमान्य नागरिकों एवं आमंत्रित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति ने समारोह को नई गरिमा प्रदान की। उन्होंने सभी के सहयोग से कार्यक्रम के सफल आयोजन पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस समारोह के आयोजक स्वर्गीय चौधरी उस्मान अहमद (एडवोकेट) के सुपुत्र एडवोकेट अकबर अहमद (उच्च न्यायालय, लखनऊ) एवं उनके परिवारजन रहे। उन्होंने अपने पूज्य पिता की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से बार एसोसिएशन के सभागार का सौंदर्यीकरण कराया, जिसकी अधिवक्ता समाज ने मुक्तकंठ से सराहना की।
समारोह में उन्नाव बार एसोसिएशन की समस्त कार्यकारिणी ने स्वागतकर्ता की भूमिका निभाई। पूरे आयोजन के दौरान आत्मीयता, सम्मान और अनुशासन का वातावरण बना रहा। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल वरिष्ठ अधिवक्ताओं की स्मृतियों को जीवंत रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को न्यायिक मूल्यों, अधिवक्ता धर्म और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रेरित भी करते हैं।
कार्यक्रम में विशेष रूप से बार एवं बेंच के मध्य बेहतर समन्वय, अधिवक्ताओं की गरिमा की रक्षा तथा न्यायिक परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे न्यायिक परिवार के लिए प्रेरणादायी बताया।
ग्रामीण दृष्टि हिंदी समाचार पत्र की ओर से स्वर्गीय चौधरी उस्मान अहमद (एडवोकेट) को विनम्र श्रद्धांजलि एवं उनके परिवार द्वारा समाजहित में किए गए इस सराहनीय योगदान के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।



