नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को उस समय नई ऊर्जा मिली, जब अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्रों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। उन्होंने आंदोलनरत छात्र-छात्राओं के बीच बैठकर उनकी बात सुनी और उनके साथ न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों और देश के भविष्य से जुड़ा राष्ट्रीय प्रश्न है। उन्होंने कहा कि वर्षों की कठिन मेहनत के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ यदि किसी भी प्रकार का अन्याय होता है, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से मांग की कि पेपर लीक के आरोपों की निष्पक्ष, समयबद्ध और पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।
इस दौरान अपनी जनता पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह छात्रों की न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक मांगों का समर्थन करती है तथा शिक्षा व्यवस्था में ईमानदारी, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।
जंतर-मंतर पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कानून, दोषियों को कड़ी सजा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। आंदोलन स्थल पर "युवा न्याय", "ईमानदार परीक्षा–सुरक्षित भविष्य" और "मेहनत का सम्मान करो" जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।
NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बीच यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के लाखों मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए है।


