नई दिल्ली। संसद परिसर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दलों के सांसदों ने विपक्ष की कथित नकारात्मक, जनविरोधी और भ्रामक राजनीति के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित कर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर कर रहे हैं।
भाजपा और एनडीए नेताओं ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार संसद के भीतर विस्तृत और सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके बावजूद विपक्ष चर्चा में भाग लेने के बजाय लगातार हंगामा और व्यवधान उत्पन्न कर रहा है, जिससे संसद की कार्यवाही प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने कहा कि छात्रों की भावनाओं और उनके भविष्य जैसे संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाना लोकतंत्र के हित में नहीं है। उनका कहना था कि सरकार पारदर्शी व्यवस्था, जवाबदेही और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा हर महत्वपूर्ण विषय पर तथ्यों के आधार पर चर्चा चाहती है।
भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह रचनात्मक बहस से बचकर केवल विरोध की राजनीति कर रहा है और देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर संसद में सकारात्मक चर्चा ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
सांसदों ने विश्वास व्यक्त किया कि देश की जनता अवसरवादी राजनीति और राष्ट्रहित में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों के बीच का अंतर भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद, बहस और जवाबदेही ही जनहित के मुद्दों के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है, इसलिए संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलना आवश्यक है।
(ग्रामीण दृष्टि हिंदी समाचार पत्र)


