असोहा में साइबर ठगी का मामला, मोबाइल करीब एक घंटे रहा हैक; पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल से लगाई गुहार
असोहा, उन्नाव। गैस बुकिंग के नाम पर फोन कर OTP पूछना एक ग्रामीण को भारी पड़ गया। OTP बताने के कुछ ही समय बाद उसका मोबाइल करीब एक घंटे के लिए हैक हो गया और इसी दौरान बैंक खाते से तीन बार में कुल 54 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने के मैसेज आने के बाद पीड़ित के होश उड़ गए।
मामला असोहा क्षेत्र के कन्दरपुर गांव का है। गांव निवासी चन्द्रप्रकाश सोनी ने पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल में शिकायत देकर खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने तथा मामले की जांच कराने की मांग की है।
गैस बुकिंग के नाम पर आया फोन
पीड़ित चन्द्रप्रकाश सोनी के अनुसार उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक, नवाबगंज में है और वह ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा का इस्तेमाल करते हैं। बीते सोमवार को करीब 11 बजे उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने गैस बुकिंग के लिए OTP बताने को कहा।
चन्द्रप्रकाश के मुताबिक उन्होंने फोन करने वाले के कहने पर OTP बता दिया। इसके बाद उनका मोबाइल करीब एक घंटे तक हैक रहा। मोबाइल सामान्य रूप से चालू होने के बाद उनके पास खाते से रुपये निकाले जाने के कई मैसेज पहुंचे।
दस मिनट के अंतराल में तीन बार निकली रकम
पीड़ित ने बताया कि खाते से तीन अलग-अलग बार में कुल 54 हजार रुपये निकाले गए। घटना की जानकारी होने पर वह तत्काल बैंक पहुंचे और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट में करीब दस मिनट के अंतराल पर तीन बार रकम निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
पीड़ित के अनुसार बैंक से मिली जानकारी में रकम निकालने वाले लेनदेन की लोकेशन आंध्र प्रदेश और कर्नाटक दिखाई पड़ रही है।
साइबर सेल और पुलिस अधीक्षक से शिकायत
घटना के बाद चन्द्रप्रकाश सोनी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देने के साथ ही साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर साइबर ठगी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई 54 हजार रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
OTP साझा करना पड़ सकता है भारी
साइबर ठगी की घटनाओं के बीच विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि बैंकिंग OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। गैस बुकिंग, बैंक KYC, बिजली बिल, मोबाइल सिम या अन्य किसी सेवा के नाम पर आने वाली संदिग्ध कॉल की सत्यता पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक माध्यम से जांचनी चाहिए।
रिपोर्ट -जनक कुमार सिंह


