बीघापुर, उन्नाव। भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन किसान क्रान्ति सरकार के प्रदेश महासचिव डॉ. वृजेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में तहसील बीघापुर क्षेत्र के ग्राम पिथई खेड़ा में किसान सम्मान बैठक का आयोजन किया गया। सेवानिवृत्त कानूनगो गोविन्द प्रसाद के हाता में आयोजित बैठक में करीब एक सैकड़ा किसानों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान संगठन की नीतियों और किसान हित में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर 80 महिला एवं पुरुषों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।
बैठक के दौरान किसानों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन की ओर से किसानों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा गांव की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने की बात कही गई।
प्राकृतिक खेती और पारंपरिक कृषि करने वाले किसान हुए सम्मानित
कार्यक्रम में पारंपरिक कृषि पद्धति को बढ़ावा देने वाले किसानों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। बैल से खेती करने वाले, बैलगाड़ी रखने वाले और प्राकृतिक तरीके से खेती करने वाले किसानों को प्रदेश महासचिव डॉ. वृजेन्द्र प्रताप सिंह ने माल्यार्पण कर अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
सम्मानित किए गए किसानों ने पारंपरिक खेती के अनुभव भी साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक कृषि के साथ प्राकृतिक और पारंपरिक खेती की उपयोगिता को भी समझने की आवश्यकता है। किसानों को खेती की लागत कम करने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रेरित किया गया।
बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान
बैठक में ग्रामीणों ने गांव में बढ़ते बंदरों के आतंक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण गांव के लोग भयभीत हैं और कई लोगों को बंदर काट चुके हैं। ग्रामीणों का कहना था कि लगातार बढ़ रहे बंदरों के आतंक के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से बंदरों को पकड़वाने तथा समस्या से निजात दिलाने की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
बिजली, खाद और खराब हैंडपंप की समस्या भी उठी
किसान सम्मान बैठक में ग्रामीणों ने बिजली की समस्या और खाद की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। किसानों का कहना था कि कृषि कार्य के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खाद उपलब्ध न होने से खेती प्रभावित होने की बात भी ग्रामीणों ने कही।
ग्रामीणों ने गांव में वर्षों से खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंपों की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया। ग्रामीणों के अनुसार कई हैंडपंप लंबे समय से खराब हैं, जिससे पेयजल के लिए लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने खराब हैंडपंपों की मरम्मत अथवा आवश्यकतानुसार नए हैंडपंप लगाए जाने की मांग की।
राशन में घटतौली और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
बैठक में ग्रामीणों ने राशन वितरण में कथित घटतौली की समस्या उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि पात्र लोगों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाना चाहिए और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही गांव की सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मी के नियमित रूप से गांव में न आने के कारण नालियां चोक हैं और जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे ग्रामीणों को दुर्गंध और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की।
संबंधित विभागों से वार्ता का आश्वासन
ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं को प्रदेश महासचिव डॉ. वृजेन्द्र प्रताप सिंह ने गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों से वार्ता कर समस्याओं के तत्काल उचित समाधान के लिए कार्रवाई करने को कहा।
डॉ. सिंह ने कहा कि संगठन किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाता रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष उनकी समस्याओं को मजबूती से रखा जाएगा।
बैठक में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। कार्यक्रम में ज्ञान सिंह, मुकेश सिंह, अमित कुमार, फुन्नी त्रिपाठी, गोविंद प्रसाद, कुलदीप सिंह, राजबहादुर सिंह, विश्राम सिंह, कमल किशोर, श्यामलाल सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


