जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई, जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरफ्तार
आजमगढ़। समाज कल्याण विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये के सरकारी धन दुरुपयोग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नगर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई इस कार्रवाई में उन पर शासन द्वारा वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के बावजूद 10 अवैध शिक्षकों को लगभग 51.46 लाख रुपये वेतन जारी करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार डी.डी. समाज कल्याण आर.के. चौरसिया की शिकायत पर जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी तथा पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि दोनों अधिकारियों ने शासनादेश की अनदेखी करते हुए अवैध नियुक्त सहायक अध्यापकों को वेतन जारी किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलायुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी। जांच में सामने आया कि कुछ सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां अवैध थीं और शासन ने उनके वेतन भुगतान पर रोक लगा रखी थी, इसके बावजूद भुगतान कर दिया गया।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद 8 मई को नगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। बुधवार सुबह पुलिस ने कुंवर सिंह उद्यान के पास से राजेश चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि शासन की रोक के बावजूद अवैध शिक्षकों को वेतन जारी करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संबंधित बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
रिपोर्ट : रघुबीर मौर्य
ब्यूरो प्रमुख, आजमगढ़
ग्रामीण दृष्टि हिंदी समाचार पत्र


