"अगर हमें न्याय नहीं मिला तो परिवार के साथ कुछ भी हो सकता है" — पीड़ित परिवार
शुक्रवार को पीड़ित परिवार थाना दही पहुंचा और अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया कि 18 जून को हुई घटना में दबंगों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि महिलाओं की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने का प्रयास किया। परिवार का कहना है कि हमलावर खुलेआम धमकी दे रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
पीड़ित महिला ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि घटना के बाद से परिवार मानसिक रूप से परेशान है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और घर के सदस्य हर समय किसी अनहोनी की आशंका में जी रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर दोषियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
थाने के बाहर छलका दर्द
थाना दही परिसर के बाहर खड़े पीड़ित परिवार की आंखों में न्याय की उम्मीद साफ दिखाई दी। परिवार के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने कानून पर भरोसा करते हुए अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी है और उम्मीद है कि उन्हें जल्द न्याय मिलेगा।
ग्रामीणों में चर्चा, प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानून का भय बना रहे और आम नागरिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पूरा मामला शिकायत और आरोपों पर आधारित है। पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएंगे। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
"न्याय की तलाश में एक परिवार, प्रशासन की ओर टिकी उम्मीदें"
रिपोर्ट : राममिलन मौर्य
प्रधान संपादक
ग्रामीण दृष्टि हिंदी समाचार पत्र, उन्नाव


