"प्रशासन की आंखों के सामने सरकारी भूमि पर कब्जा?" पीड़ित ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
उन्नाव। तहसील हसनगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत बीरमपुर के राजस्व ग्राम लगलेसरपुर, थाना माखी में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव निवासी हरिशंकर पुत्र स्वर्गीय रामाधीन ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज नवीन परती (सरकारी) भूमि पर अवैध निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार गाटा संख्या 351/0.043 हेक्टेयर भूमि सरकारी अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा इस भूमि पर लगातार निर्माण कार्य कराया जा रहा है और सरकारी भूमि को निजी संपत्ति में तब्दील करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण का कहना है कि यह केवल भूमि कब्जे का मामला नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
समाधान दिवस में पहुंचा मामला, प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित हरिशंकर ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन निर्माण कार्य पर रोक नहीं लग सकी। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने से गांव में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने मांग की है कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर पैमाइश कराए, वास्तविक स्थिति की जांच करे और यदि भूमि सरकारी पाई जाए तो तत्काल अतिक्रमण हटाकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों में चर्चा, सरकारी भूमि की सुरक्षा पर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद लगलेसरपुर और आसपास के क्षेत्रों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि पर कब्जे के आरोप सही हैं तो यह राजस्व व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। लोगों का मानना है कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण गांव के भविष्य और विकास को प्रभावित कर सकता है।
क्या बचेगी सरकारी जमीन या हो जाएगा स्थायी कब्जा?
समाधान दिवस में शिकायत दर्ज होने के बाद अब पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि आखिर सरकारी भूमि पर हो रहे कथित निर्माण के मामले में प्रशासन कितना गंभीर कदम उठाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।


